जीवन का practical स्वरूप

 हम बड़ी position वालों का शरण लेते हैं,यह हम कहते

है जब हमारे सत्य को भय हो,हम अनुभवी न हो,लायक न हो।

 हम खुद ही बड़े बने और बड़े कर्तव्य करें साहस तो हर बात का जीवन का practical स्वरूप समझ में आए ।

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