कलियुग यानी झूठ,धोखे,छल,कपट का बोलबाला। जहां कौड़ियों के दाम पर लोग अपना ईमान बेचते हैं। जहां इंसान का ज़मीर सोया रहता है। जहां धर्म और सच्चाई केवल मुट्ठी भर लोगों में बचता है और कोई सच बोलने का साहस करें तो उसे डराया जाता है, तुम्हें यहां रहना है कि नहीं? तुम हमारे ऊपर मुसीबत लाओगे। हमें यहां समाज में रहना है जैसे कि धर्म और सच्चाई की बातें कोई दूसरी दुनिया की हो। जबकि यह तो जीवन का अभिन्न हिस्सा है, natural जीवन जीने का तरीका है। जहां सत्य है वहां भगवान है। जैसे अत्याचार करना अपराध है, वैसे अत्याचार सहना भी अपराध है। जो सत्य का साथ देते हैं, परमात्मा हजार भुजाओं से उनका साथ देने किसी न किसी रूप में पहुंच ही जाता है और उनकी हमेशा रक्षा होती है। अब हमें तय करना है हम किसका साथ दे। Kaliyuga means the predominance of falsehood, deception, deception, and deceit. Where people sell their faith at the price of coins. Where the human soul sleeps. Where religion and truth survive only in a handful of people and if anyone dares to speak the truth, he is intimidated, do you have to stay here or ...